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सुशील कुमार ने ली राहत की सांस, लॉरेंस बिश्नोई से नहीं होगी मुलाकात

Lawrence Bishnoi

नई दिल्लीः सुशील पहलवान को एकांतवास की अवधि समाप्त होने के बाद भी तिहाड़ जेल शिफ्ट नहीं किया जायेगा क्योंकि वहां उसका दुश्मन लॉरेंस बिश्नोई बंद है। सुशील की जान को खतरा होने के चलते यह निर्णय लिया गया है। तिहाड़ जेल के डीजी संदीप गोयल ने बताया कि फिलहाल सुशील को मंडोली जेल में ही रखा जाएगा, अभी उसे दूसरी जेल में शिफ्ट करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

छत्रसाल स्टेडियम में बीते चार मई को हुई मारपीट के दौरान सागर पहलवान की मौत हो गई थी। उसके दो अन्य साथी सोनू महाल और अमित इस पिटाई में घायल हो गए थे। इस घटना को लेकर दर्ज की गई एफआईआर में सुशील पहलवान को मुख्य आरोपित बनाया गया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर अब तक 11 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस हत्याकांड के मामले में सुशील फिलहाल मंडोली जेल में बंद है। सोनू महाल की पिटाई करने के चलते सुशील पहलवान की लॉरेंस बिश्नोई-काला जठेड़ी से दुश्मनी हो चुकी है। लॉरेंस बिश्नोई इस समय तिहाड़ जेल में बंद है।दरअसल, सोनू महाल काला जठेड़ी का भांजा है, जिसकी पिटाई की गई थी। इसके बाद से सुशील को उसके ऊपर जेल में हमले का डर सता रहा है।

सुशील को नहीं भेजा जाएगा तिहाड़ जेल

इस मामले में गिरफ्तारी के बाद जब सुशील को मंडोली जेल भेजा गया तो वहां पर लॉरेंस बिश्नोई पहले से मौजूद था। ऐसे में सुशील की जान को खतरा देखते हुए लॉरेंस बिश्नोई को तिहाड़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। सुशील को मंडोली जेल में 14 दिन के लिए एकांतवास में रखा गया था। उसके एकांतवास की अवधि बुधवार को खत्म हो चुकी है जिसके बाद उसे तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया जाना था। उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तिहाड़ जेल प्रशासन ने फिलहाल सुशील को मंडोली जेल में ही रखने का फैसला किया है। जेल अधिकारियों का कहना है कि सुशील को दूसरी जेल में शिफ्ट करने पर बाद में विचार किया जाएगा।

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सुशील की सुरक्षा को लेकर हैं उचित इंतजाम

जेल सूत्रों का कहना है कि सुशील की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंडोली जेल में उचित इंतजाम किए गए हैं। उसकी सेल में सीसीटीवी लगाया गया है और सुरक्षाकर्मी की भी तैनाती रहती है। सुशील को जेल की सेल में अकेले रखा गया है ताकि उस पर किसी भी प्रकार का हमला ना हो सके। यही वजह है कि उसे तिहाड़ जेल में शिफ्ट नहीं किया जा रहा है जहां लॉरेंस बिश्नोई पहले से मौजूद है।