Pune Porsche Car Case , मुंबईः महाराष्ट्र कांग्रेस ने मंगलवार को सत्तारूढ़ महायुति सरकार पर पुणे में दो लोगों की जान लेने वाली पोर्श कार दुर्घटना की जांच को पटरी से उतारने का आरोप गलाया है। साथ ही मांग की है कि इस सनसनीखेज मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया जाए।
कांग्रेस ने डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस से मांगा इस्तीफा
इतना ही नहीं राज्य कांग्रेस अध्यक्ष नाना एफ पटोले ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग दोहराई, क्योंकि पुलिस जांच में आरोपियों के राजनीतिक संबंध उजागर हुए हैं। उन्होंने कहा, "शराब और ड्रग्स के नशे में धुत लोगों द्वारा चलाई जा रही तेज रफ्तार कारों के नीचे आम लोगों को बेरहमी से कुचला जा रहा है। पुणे, नागपुर और जलगांव में ऐसी दुर्घटनाएं हुई हैं। सबसे ज्यादा गुस्सा दिलाने वाली बात यह है कि सरकारी मशीनरी ने आरोपियों को जमानत दिलाने में मदद करने की कोशिश की, इसलिए सीबीआई को मामले को अपने हाथ में लेना चाहिए।"
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सरकार पर पुणे और नागपुर में बड़े पैमाने पर नशीली दवाओं की तस्करी और फल-फूल रहे अनधिकृत पब/बार की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए पटोले ने कहा कि पोर्श मामले के राष्ट्रीय सुर्खियों में आने के बाद ऐसे 36 आउटलेट ध्वस्त कर दिए गए। हाल ही में नागपुर में कार की चपेट में आने से दो लड़कियों की मौत हो गई और आरोपी को महज 10 घंटे में जमानत मिल गई और जलगांव में इसी तरह के एक हादसे में आरोपी को बचाने की पूरी कोशिश की गई।
ब्लड सैंपल बदलने वाले दो डॉक्टर गिरफ्तार
इस मामले में नाबालिग आरोपी के रक्त का नमूना बदलने के आरोप में डॉ. टावरे, उनके सहयोगी डॉ. श्रीहरि हलनोर और एक चपरासी अतुल घाटकांबले को गिरफ्तार किया गया है। मुश्रीफ ने आश्वासन दिया है कि दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार उनके खिलाफ निलंबन और विभागीय जांच के अलावा डॉ. पल्लवी सापले के नेतृत्व में तीन सदस्यीय विशेष टीम से जांच कराने पर विचार कर रही है। टीम ने मंगलवार को अपना काम शुरू कर दिया है।