श्रीनगरः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 24 जून को होने वाली सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती निमंत्रण मिलने के कुछ घंटे बाद जम्मू-कश्मीर में अधिकारियों ने शनिवार को उनके चाचा और पीडीपी के वरिष्ठ नेता सरताज मदनी को नजरबंदी से रिहा कर दिया। मदनी को 21 दिसंबर, 2020 को पीडीपी के एक अन्य वरिष्ठ नेता नईम अख्तर के साथ हिरासत में लिया गया था।
मदनी को पहले दक्षिण कश्मीर के बिजबेहरा कस्बे में पुलिस ने तीन दिन के लिए नजरबंद किया था। इसके बाद उन्हें श्रीनगर के एमएलए हॉस्टल में भेजा गया, जहां वह शनिवार तक नजरबंद रहे। नईम को नजरबंद होने से रिहा कर दिया गया, लेकिन 12 मई, 2021 तक नजरबंद रहना था। पीडीपी प्रवक्ता ने मधु की रिहाई की पुष्टि की है।
सूत्रों ने यहां बताया कि मदनी की रिहाई 24 जून को नई दिल्ली में होने वाली बैठक में शामिल होने के दिल्ली के निमंत्रण के बाद हुई। सूत्रों का मानना है कि बैठक जम्मू-कश्मीर में एक समावेशी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा पहला कदम है, जिसे कभी भी परिसीमन आयोग अपना काम पूरा कर सकता है।
यह भी पढ़ेंः-फीकी पड़ी सोने-चांदी की चमक, सोना 1,762 रुपये तक लुढ़का, जताई जा रही ये उम्मीदआयोग का कार्यकाल इस साल मार्च में समाप्त हो गया था, लेकिन इसे मार्च 2022 तक बढ़ा दिया गया था। शीर्ष सूत्रों ने बताया कि परिसीमन आयोग अपने विस्तारित कार्यकाल की समाप्ति से बहुत पहले अपनी सिफारिशें प्रस्तुत कर सकता है।