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Kargil Vijay Diwas 2023: कारगिल से पाकिस्तान पर बरसे रक्षा मंत्री, कहा- जरूरत पड़ी तो फिर पार करेंगे LoC

Kargil Vijay Diwas 2023- rajnath singh
Kargil Vijay Diwas 2023- rajnath singh Kargil Vijay Diwas 2023: कारगिल विजय दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर हमने 1999 में एलओसी पार नहीं की थी, तो इसका मतलब यह नहीं कि हम सीमा पार नहीं कर सकते। हम तब भी एलओसी पार कर सकते थे, हम अब भी एलओसी पार कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर भविष्य में भी एलओसी पार करेंगे। रक्षा मंत्री ने कहा कि 26 जुलाई 1999 को युद्ध जीतने के बाद भी हमारी सेनाओं ने एलओसी पार नहीं की क्योंकि हम शांतिप्रिय हैं, हम भारतीय मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता में विश्वास करते हैं।

सैन्य परंपरा के साथ श्रद्धांजलि समारोह को किया संबोधित

लद्दाख के द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक (Kargil Vijay Diwas 2023) पर सैन्य परंपरा के साथ इस श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि देश का सम्मान और उसकी प्रतिष्ठा हमारे लिए सबसे ऊपर है और इसके लिए हम किसी भी हद तक जा सकते हैं। क्या हम न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि पूरी दुनिया को यह संदेश दे सकते थे कि जब हमारे राष्ट्रीय हितों की बात आएगी तो हमारी सेना किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगी। चाहे कुछ भी हो, हम अभी भी अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। कारगिल की वह जीत पूरे भारत के लोगों की जीत थी। 1999 में भारतीय सेनाओं ने कारगिल की चोटियों पर जो तिरंगा फहराया था, वह सिर्फ एक झंडा नहीं था, बल्कि इस देश के करोड़ों लोगों का गौरव था। ये भी पढ़ें..अंजू ने धर्म बदलकर प्रेमी से किया निकाह, पिता बोले- कोई वास्ता नहीं, उसे वहीं मरने दो राजनाथ सिंह ने कहा कि 1999 में कारगिल (Kargil Vijay Diwas 2023:) की चोटी पर भारत माता की रक्षा के लिए देश के जवानों ने जो वीरता दिखाई, वह इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगी। आज हम खुली हवा में सांस ले पा रहे हैं क्योंकि हमारे सैनिकों ने शून्य तापमान में भी ऑक्सीजन की कमी के बावजूद अपनी बंदूकें नीचे नहीं कीं। आज भारत जैसी विशाल इमारत हमारे वीर सपूतों के बलिदान की नींव पर टिकी हुई है। भारत नाम का यह विशाल वट वृक्ष उन वीर सैनिकों के खून-पसीने से सिंचित है। हजारों साल के अपने इतिहास में इस देश ने कई ठोकरें खाईं, लेकिन अपने वीर सैनिकों के दम पर यह बार-बार उठ खड़ा हुआ है।

मौत भी मेरे कर्तव्य के आड़े आई तो मैं उसे भी मार दूंगा- मनोज पांडे

रक्षा मंत्री ने भारतीय सेनाओं पर गर्व करते हुए कहा कि भारतीय सेना के जवानों के सामने ऐसे खतरे आते रहते हैं, जहां वे मौत का सामना करते रहते हैं, लेकिन वे मौत का सामना बिना डरे, बिना रुके सिर्फ इसलिए करते हैं क्योंकि वे जानते हैं। होता यह है कि उसका अस्तित्व उसके राष्ट्र से होता है। कैप्टन मनोज पांडे के उस बयान को कौन भूल सकता है, जब उन्होंने कहा था, ''अगर मौत भी मेरे कर्तव्य के आड़े आएगी, तो मैं मौत को भी मार डालूंगा।'' ऐसी बहादुरी के सामने दुनिया की कोई ताकत नहीं टिक सकती तो फिर पाकिस्तान का क्या हश्र हुआ। हमारे जवानों ने भारत की ओर चली हर एक गोली को अपने फौलादी सीने से रोका। कारगिल युद्ध भारत के सैनिकों की वीरता का प्रतीक है, जो सदियों तक दोहराया जाता रहेगा।

सूबेदार मंगेज सिंह को भी किया याद

उन्होंने राजस्थान के सूबेदार मंगेज सिंह को याद करते हुए कहा कि घायल अवस्था में उन्होंने बंकर के पीछे पाकिस्तानी सैनिकों पर जमकर कई राउंड फायरिंग की और 7 दुश्मनों को मार गिराया। अपने देश की अस्मिता को बचाने के लिए न जाने कितने वीरों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसे कई सैनिक थे जिनकी कुछ दिन पहले ही शादी हुई थी, कई सैनिक ऐसे थे जिनकी शादी भी नहीं हुई थी, कई सैनिक ऐसे थे जो अपने परिवार में अकेले कमाने वाले थे, लेकिन उन्होंने अपने निजी जीवन में उन सभी परिस्थितियों का सामना किया। राष्ट्र के अस्तित्व को बचाने का प्रयास किया, क्योंकि उनके मन में यह भावना थी कि - माँ तेरा वैभव अमर रहे, हम दिन चार न रहें। (अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें व हमारे यूट्यूब चैनल को भी सब्सक्राइब करें)