अमेठीः देश की वीवीआईपी और हॉट सीट अमेठी लोकसभा-37 पर जहां भारतीय जनता पार्टी ने काफी पहले ही केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को मैदान में उतार दिया है, वहीं कांग्रेस पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। ऐसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता में भी अनिश्चितता का माहौल है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट
विपक्ष का आरोप है कि जो सीट (अमेठी) कभी कांग्रेस का गढ़ थी, आज उसे चुनाव में उतारने के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। असमंजस के इस दौर में आम जनता हर हफ्ते अमेठी में कांग्रेस की ओर से अलग-अलग नामों को लेकर अटकलें लगा रही है। अब सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा एक पोस्टर वायरल किया जा रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि रॉबर्ट वाड्रा अमेठी से चुनाव लड़ेंगे।
देशवासी अमेठी को नेहरू-गांधी परिवार के गढ़ के रूप में देखते हैं। इसके बावजूद गांधी परिवार द्वारा अभी तक इस लोकसभा सीट के लिए उम्मीदवार की घोषणा न करना एक तरह से अमेठी की जनता को दोयम दर्जे की कतार में खड़ा कर दिया है। कांग्रेस पार्टी की हर सीईसी बैठक में लोगों को उम्मीद रहती है कि इस बार अमेठी लोकसभा से उम्मीदवार की घोषणा कर दी जाएगी। लेकिन जब सूची सार्वजनिक होती है तो उसमें अमेठी का नाम न देखकर लोग हताश और निराश हो जाते हैं।
बीजेपी को मिल जाएगा मुद्दा
लोकसभा सीट अमेठी पर हर हफ्ते अलग-अलग नामों के कयास लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस समर्थक कभी राहुल गांधी, कभी वरुण गांधी, फिर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की बेटी आराधना मिश्रा उर्फ मोना, अब सोनिया गांधी के दामाद और प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा सुर्खियों में हैं। ऐसे में देखना यह होगा कि यह नाम कब तक कायम रहेगा और कब अन्य संभावनाएं तलाशी जाएंगी। वैसे भी, अगर रॉबर्ट वाड्रा अमेठी से चुनाव लड़ते हैं, तो भारतीय जनता पार्टी को यह बड़ा मुद्दा मिल जाएगा, क्योंकि वह कांग्रेस को वंशवादी पार्टी के रूप में घेरती रहती है।
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गौरतलब है कि इस बार रॉबर्ट वाड्रा ने खुद ही अमेठी से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। उनका कहना है कि अमेठी की जनता चाहती है कि वह चुनाव लड़ें। अभी तक राहुल गांधी ने कहीं से भी किसी भी रूप में अमेठी से चुनाव लड़ने या न लड़ने को लेकर कोई संकेत नहीं दिया है।