नई दिल्ली: पाकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत की बेटी को अगवा किये जाने की घटना के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है। अफगानिस्तान ने सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तान में अपने राजदूत तथा दूसरे अन्य राजनयिकों को काबुल वापस बुला लिया है। शुक्रवार को पाकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत नजीबुल्लाबह अलीखिल की बेटी सिलसिला को अगवा कर लिया गया था और पांच घंटे बाद बुरी तरह से मारपीट के बाद उसे रिहा किया। उसके सिर पर चोट के निशान थे और हड्डियां टूटने की आशंका थी।
इस घटना की दुनिया भर में चौतरफा निंदा हुई। पाकिस्तान ने भी घटना की निंदा करते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया लेकिन इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। अफगानिस्तान ने दोषियों को सजा और अफगानिस्तान के राजनयिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी। इस मामले में किसी प्रगति को नहीं देखते हुए अफगानिस्तान ने अपने राजनयिकों को वापस बुलाकर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है।
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पाकिस्तान की तरफ से तालिबान को समर्थन देने के मसले पर दोनों देशों के बीच तनाव पहले से ही बना हुआ है। जिसका नतीजा है कि ताशकंद में दो दिनों पूर्व अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच सार्वजनिक तौर पर जुबानी जंग हो गयी। अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान ने तालिबान की मदद के लिए दस हजार लड़ाकों को भेजा है।
इस घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान ने अफगान शांति सम्मेलन को टाल दिया जिसमें दोनों देशों के कई अहम नेताओं के हिस्सा लेने की उम्मीद थी। इसी दौरान पाकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत की बेटी के अपहरण मामले ने दोनों देशों की कड़वाहट को और भी बढ़ा दिया है।